आपकी जीत के गवाह हैं ये बंद पड़े बाजार,ये लाशो से भरे पड़े श्मशान जाइए जीत का जश्न मना लीजिए लोकतंत्र में तंत्र का का बचा रहना जायदा जरूरी है चाहे लोक बचे ना बचे
लाखो कि रैलीया करके लोकप्रियता दिखाना जायदा जरूरी था चाहे लोग मर ही जाए
वाकई इस देश में सिर्फ चुनाव जरूरी है!
रैलीया जरूरी है
बधाई हो…..आप सभी एक बार फिर इस जनता को मूर्ख बनाने में सफल हुए इसके लिए आप सभी दलों के राजनेताओं को हार्दिक बधाइयां आपको शायद अंदाजा भी ना हो कि आपकी इस दो मई कि चिंता ने ना जाने कितनो की दो जून की रोटी को संकट में डाल दिया है!!!!
और हां इंसानों की लाशों के ऊपर बिछी इन कुर्सियों पर बैठ कर एक ट्वीट ज़रूर कर दीजिएगा..दो गज दूरी मास्क है जरूरी!!!
Written by: kriskant






